काम होगा वही जिसे चाहोगे राम

पारंपरिक
हनुमान जी भजन राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

के काम होगा वही जिसे चाहोगे राम,

अपने स्वामी को सेवक क्या समजाये गा

सागर में तैर रही पत्थर ये सारे,

इन में वसे है श्री राम हमारे,

वही डूब गये पत्थर नहीं जिस में राम,

अपने स्वामी को सेवक क्या समजाये गा

लंका जलाये छोटा सा बानर,

असुरो को मार दिया पार कियाँ सागर,

बड़ी महिमा है नाम की तुम्हारे हे राम,

अपने स्वामी को सेवक क्या समजाये गा

हां भगति में कहे हनुमान जी,

तो सीने से अपने लगाए है राम जी,

भगत तुम सा नहीं कोई बोले है राम,

अपने स्वामी को सेवक क्या समजाये गा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।