राम मन भाएंगे काम बन जाएंगे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम मन भाएंगे, काम बन जाएंगे,

मेरी चाहत यही रघुनाथ से, प्रभु पास रहें,

मेरी गलतियां माना कम नहीं,

तेरी रहमतें भी तो कम नहीं ,

छोड़ दें हमें जो ऐसे तुम नहीं,

मेरी चाहत यही रघुनाथ से,

राम मन भाएंगे..

राघव हरी,रामा भी तू, कहती रहूं बस तूहीतू,

राजीव लोचन आजा ना तू,

मेरी चाहत यही रघुनाथ से.,

राम मन भाएंगे..

मुझे आसरा तेरे नाम का,

राघव मेरे., मैं राम का,

बिना प्रेम जीवन किस काम का,

मेरी चाहत यही रघुनाथ से ,

राम मन भाएंगे.........

जल थल गगन , तेरा वास हो ,

तेरे दरस की , फिर भी प्यास हो,

आनंद मन की यही आस हो,

मेरी चाहत यही रघुनाथ से,

राम मन भाएंगे..

Bhajan By :::

(धुन - नाम गन जाएगा)

श्रधेय बलराम भाई उदासी

चकरभाठा, बिलासपुर छ. ग.

Mob: 70004-92179..

98271-11399..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।