मत कर मोह तू हरि भजन को मान रे

संत कबीर
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

मत कर मोह तू, हरि भजन को मान रे तू ।

हरि भजन को मान रे तू...

नयन दिए दर्शन करने को, श्रवण दिए सुन ज्ञान रे ।

हरि भजन को मान रे तू...

वदन दिया हरि गुण गाने को, हाथ दिए कर दान रे ।

हरि भजन को मान रे तू...

कहत कबीर सुनो भाई साधो, कंचन निपजत खान रे ।

हरि भजन को मान रे तू...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।