मेला सिद्ध जोगी दा आया हो चल भगता

पारंपरिक
महादेव भजन बाबा बालक नाथ भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेला सिद्ध जोगी दा आया हो चल भगता,

जोगी ने साहनु आप भुलाया हो चल भगता,

चल भगता चल भगता,

मेला दूधाधारी दा आया हो चल भगता,

चेत महीने जोगी दे दर लगदे भारी मेले,

भोले नाथ ने वर सी दिता गोरकखनाथ दे चेले

योगी ने धुना एथे लाया हो चल भगता,

मेला सिद्ध जोगी दा आया हो चल भगता,

मोर सवारी करे के बाबा शैतालियाँ आया,

मार उडारी डयोट गुफा ते जोगी आसान लगाया,

नाथ ने डेरा एथे लाया हो चल भगता,

मेला सिद्ध जोगी दा आया हो चल भगता,

सोनी तेरे दर ते आया तेरा भजन है गाया,

तेरा दर्शन पाके बाबा जीवन सफल बनाया,

जोगी खैरा बण्डी जांदा हो चल भगता,

मेला सिद्ध जोगी दा आया हो चल भगता,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।