दुनिया के सहारे लाखो है और मेरा सहारा बजरंगी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

दुनिया के सहारे लाखो है और मेरा सहारा बजरंगी,

संकट मोचन कहते है ये तो सब के संकट हरते है,

ये तो मिठिया मुरादा देते है और मन माँगा फल देते है,

इनकी किरपा का न थोड़ कोई,

इनके जैसा न और कोई ये तो कटारगंज के बाबा है,

दुनिया के सहारे लाखो है और मेरा सहारा बजरंगी,

यहाँ मंगल को जो आता है,

वो मंगल मये हो जाता है,

बाबा का चोला चढ़ा कर के जीवन में मौज उडाता है,

मेरे हनुमत जैसा और नहीं इनकी किरपा का न तोड़ कोई ये तो कटारगंज के बाबा है,

दुनिया के सहारे लाखो है और मेरा सहारा बजरंगी,

पचास वर्ष विश्वाश के मेरे हनुमत जी के साथ में,

पलता फूलता रहे आप के आशीर्वाद से,

रिद्धि करे गुण गान तुम्हारा और न कोई मेरा सहारा ये तो कटारगंज के बाबा है,

दुनिया के सहारे लाखो है और मेरा सहारा बजरंगी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।