हे पुत्र बाला हे बजरंगी राम भक्त हो मतवाले

पारंपरिक
हनुमान जी भजन कृष्ण भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

हे पुत्र बाला हे बजरंगी राम भक्त हो मतवाले,

राम प्रभु के सारे कारज हनुमान तुमने ही है सम्बाले,

हे पुत्र बाला हे बजरंगी राम भक्त हो मतवाले

बाल समय में रवि मुख में दबाया,

तीनो ही लोक में अँधेरा था छाया,

देवता सारे मिल कर के आये,

करके विनती रवि को छुड़ाये,

हे महावीर तुम हो बल वाले,

पुत्र बाला हे बजरंगी राम भक्त हो मतवाले

जब लक्ष्मण के शक्ति लगी थी,

लंका से वैद को लाने की जची थी,

वैद सुषैण को ले कर के आये,

ला कर के भुट्टी लखन को जी आये,

राम की आँखों को के हो तुम तारे,

हे पुत्र बाला हे बजरंगी राम भक्त हो मतवाले

जब अहि रावण में शल किया था,

राम लखन को बंधी बना लिया था,

पातल लोक पहुंचे थे जा कर,

उन्हों ने छुड़ाया दिव्य रूप बना कर,

दुष्ट ही रावण तुम ही थे मारे,

हे पुत्र बाला हे बजरंगी राम भक्त हो मतवाले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।