लंका में मचाने हाहाकार राम जी सेना चली

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम जी की बोल जय जयकार राम जी की सेना चली,

राम जी की सेना चली राम जी की सेना चली,

देखो लंका में मचाने हाहाकार राम जी सेना चली,

क्या वानर क्या भालू सारे चल पड़े सभी बोल जयकारे,

दुष्टो की लगाने को मार राम जी की सेना चली,

लंका में मचाने हाहाकार राम जी सेना चली,

देखो उठा ली बड़ी शिलाये नल और नीर के पास पहुंचाये,

सेतु बनाने विशाल राम जी की सेना चली,

लंका में मचाने हाहाकार राम जी सेना चली,

सेतु पार तट पहुँचे सारे रावण को सारे ललकारे,

दुष्टो का करने संगार राम जी की सेना चली,

लंका में मचाने हाहाकार राम जी सेना चली,

अंगद ने सन्देश सुनाया रावण के मन को न भाया,

करने लड़ाई आर पार राम जी की सेना चली,

लंका में मचाने हाहाकार राम जी सेना चली,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।