भरती होजा रे सत्संग में

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

भरती होजा रे सत्संग में थारो भाग खुलेला रे,

जनम मरण को देश परायो मृत्यु वेला रे,

सुंदर काया कंचन थारी छोड़ चलेला रे,

कर पुरसार्थ ज्ञान गरीबी गुरुगम मेला रे,

सत्संग धार हियो मत हारे मौज मिलेला रे,

अमृत सिंधु सुख सागर भरियो प्रेम हिलोला रे,

प्रेम की छमकी मारे रे हंसा मोती चुगेला रे,

लखमी राम म्हाने सतगुरु मिलिया दीन दयाला रे,

हरि राम हरि भक्ति कर ले कारज सरेला रे,

प्रजापति म्यूजिकल ग्रुप भीलवाड़ा (राज.)89479-15979

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।