जन्मदिन बालाजी तेरा मनाने हम भी आये है

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

जन्मदिन बालाजी तेरा मनाने हम भी आये है,

मनाने हम भी आये है मनाने हम भी आये है,

फूल श्रद्धा के चरणों में चढ़ाने हम भी आये है,

जन्मदिन बालाजी तेरा मनाने हम भी आये है

महक ती है फिज़ाये और हवाये गुण गुणाती है,

झूम कर नाचने गाने दीवाने हम भी आये है,

जन्मदिन बालाजी तेरा मनाने हम भी आये है

बधाइयां गूंज ती है आज मेहंदीपुर की गलियों में,

बना कर गीतों की माला सुनाने हम भी आये है,

जन्मदिन बालाजी तेरा मनाने हम भी आये है

कही भज ती है शहनाई कही पर ढोल मंजीरे,

ले मन में भाव शरधा के रिझाने हम भी आये है,

जन्मदिन बालाजी तेरा मनाने हम भी आये है

ख़ुशी में देवता सारे दास अमृत है बरसाते,

इसी अमृत की वर्षा में नहाने हम भी आये है,

जन्मदिन बालाजी तेरा मनाने हम भी आये है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।