मेरे बस में तो बस उनकी आराधना

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हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मेरे बस में तो बस उनकी आराधना

बाकी बातें पवनसुत को है सोचना

मेरे बस में...

जिसको हनुमानजी का सहारा मिला

मन मुताबिक उसे हर नज़ारा मिला

ज्ञात है उनको मेरी मनोकामना

बाकी बातें पवनसुत को है सोचना

जग में हनुमत का गुणगान यूँ ही नहीं

राम मन्दिर में हनुमान यूँ ही नहीं

दिल से हनुमान जी की करें साधना

बाकी बातें पवनसुत को है सोचना

भोले शंकर के हनुमान अवतार हैं

राम की भक्ति के वे ही कर्णधार हैं

उनकी आराधना ही है 'हरि' वन्दना

बाकी बातें पवनसुत को है सोचना

लेखक:-

डा० हरि प्रकाश श्रीवास्तव 'फ़ैज़ाबादी'

09450489789

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।