गोविन्द गाले गोपाल गाले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जीवन की नैया किनारे लगा ले,

गोविन्द गाले गोपाल गाले,

दुनिया के लोग है जगसे निराले,

बाहर से उजले भीतर से हैं काले....

ना भाई संभाले ना बेटा संभाले,

इक दिन करेंगे सब यम के हवाले......

संग में चलेंगे ना बंगले अटाले,

मरने के बाद अकेले ही निकले....

Bhajan by Roopsingh रैकवार

Navjyoti Musical Group विदिशा

Cnt 8964983602

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।