तनधन बाबा के सागे आज्यो माँ नारायणी

सौरभ मधुकर
विष्णु भगवान भजन रानी सती दादी भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

तनधन बाबा के सागे आज्यो माँ नारायणी

कद स्यूं टाबरिया थारी बाट निहारे है

थांसू अरज गुजारे है

पधारो माँ नारायणी...

तनधन बाबा के सागे आज्यो माँ नारायणी

आया सपरिवार आज म्हे

दादी आस बंधा जाओ

तनधन बाबा के सागे म्हारी कुटिया में आ जाओ

आओ जी आओ कुल को मान बढ़ाओ जी

गठजोड़े से थे भी जात लगाओ जी

पधारो माँ नारायणी...

तनधन बाबा के सागे आज्यो माँ नारायणी

जैसो थारो रूप मैया जग में सबसे न्यारो है

वैसो ही तनधन बाबा भी लागे म्हाने प्यारो है

मनड़े में आई जो सब थाने बताई है

बेगा आवो दादी क्यों देर लगाईं है

पधारो माँ नारायणी...

तनधन बाबा के सागे आज्यो माँ नारायणी

रयो आसरो थारो हरदम

और नहीं मैं कुछ जानू

थे आवो सब कारज होवे

मैं तो बस यो ही मानु

अंकुश दादी अब थारे सै के छानी है

हीबड़े री बात घनेरी थाने बतानी है

पधारो माँ नारायणी...

तनधन बाबा के सागे आज्यो माँ नारायणी

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।