कच्चे धागे की टूटे गी गठ जोड़ सांवरियां पक्की गांठ बाँध ले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कच्चे धागे की टूटे गी गठ जोड़ सांवरियां पक्की गांठ बाँध ले,

माँ सा चाकरियो मिले न कोई और तू या भी महारी बात मान ले,

कच्ची डोरी तो बाबा जी बिन चटकाये चटके,

एक हवा को जोको आवै डोर हाथ से झटके,

टूटी डोरी तो जावे गी किते और,

सांवरियां पक्की गांठ बाँध ले....

दिल पर ठेस लगावे बाबा यो दुनिया का धंदो,

बिना मौत ही मर जाउगा मैं अन्धनों सो बंदो,

थारे बिन सूजे न अब तो कोई थोर थोड़ो सो मोहरो ध्यान राख ले,

कच्चे धागे की टूटे गी गठ जोड़ सांवरियां पक्की गांठ बाँध ले

टूट गिरे डाली से गुल्मो जो पत्झग आवे,

कच्चो रिश्तो तो जालिम दुनिया में टिक ना पावे,

छायो है अँध्यारो ओह बाबा गणगौर तू आके माहरो हाथो थाम ले,

कच्चे धागे की टूटे गी गठ जोड़ सांवरियां पक्की गांठ बाँध ले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।