पार लगादो नैया मेरी

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

पार लगादो नैया मेरी

मैया तुम्ही हो खेवनहार

जगत जननी माँ विंध्यवासिनी

दाती मेरी सरकार

पार लगाना नैया मेरी

करते मैया जयकारा आपका

जो आये दरबार

शीश झुकाये खड़े भक्त सारे

करदो बेड़ा पार

अष्ट भवानी माँ दुर्गे तुम

तुम्ही हो खेवनहार

पार लगाना नैया मेरी

जगत माता माँ शिव गामी

दर्शन दो माता रानी

करने को भक्तों का उद्धार

पार लगाना नैया मेरी

जयकारा हो शेरा वाली का

बोलें सब बारम्बार

जगत जननी हे माँ दुर्गे

लो फिर से अवतार

तुम्ही हो पालनहार मैया जी

तुम्ही हो खेवनहार

हाथ तुम्हारे पतवार मैया जी

करदो बेड़ा पार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।