ये सकल संसार मेरे भोले का परिवार है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

दुनिया है शंकर की माया कही धुप है कही छाया,

किस लिये डरता है प्राणी शिव तेरा आधार है,

ये सकल संसार मेरे भोले का परिवार है,

कर लो इस की अरचना तुम सब की सूद लेता है वो,

जैसी जिसकी भावना वैसा ही फल देता वो,

श्रिस्ति का आदि पुरष वो सबका पालनहार है,

ये सकल संसार मेरे भोले का परिवार है,

सब उसे कहते है जग में शिव पिता परमात्मा,

वास करता है वो सब में वो हैअंतर आत्मा,

जन्म दाता है जगत का सब का पालनहार है,

ये सकल संसार मेरे भोले का परिवार है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।