चंदन के पलने में झूले रघुराई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चंदन के पलने में झूले रघुराई,

देख देख हरषाये कौशलया माई,

मुखड़े पे तेज कोटी सूरज के समान है,

देके सुनी ना कभी ऐसी मुश्कान है,

इतनी पावन छवि के सब के मन भइ,

देख देख हरषाये कौशलया माई,

लेती माँ भलाई कभी नजर उतार ती,

हीरे मोती पने अपने लाल पे वार ती,

कहती तुझपे पड़े न दुःख की परछाई,

देख देख हरषाये कौशलया माई,

छम छम पैजनियां भाजे राम जी के पाँव में,

जगत खिवैयाँ खेले ममता की छाव में,

संग है लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न सब भाइ,

देख देख हरषाये कौशलया माई,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।