मेरे प्रीतम प्यारे तेरी पल पल याद सताए

चित्र विचित्र
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे प्रीतम प्यारे तेरी पल पल याद सताए

पल पल याद सताए तेरी तुम बिन रहा ना जाए

मेरी प्यासी अँखियाँ प्यारे बाट निहारे

मन बीणा की तारें तुझको पुकारे

बिन दर्शन के व्याकुल मनवा

क्यों तुं देर लगाए

छुप छुप रोऊँ तेरी बाट में सांवरिया

एक बार आके ले लो मेरी खबरिया

जाग उठी विरह की ज्वाला

तुम बिन कौन बुझाए

सांवरे सलोने तुझ बिन रह नहीं पाऊँ

दर्द जुदाई का सह नहीं पाऊँ

रात रात भर प्यासी अँखियाँ

रो रो नीर बहाये

तेरे मिलन को पागल मन मेरा प्यासा

तेरे दर्श की शेष जीवन की आशा

भजन मंडल भी मधुर मिलन के

मन में स्वपन सजाये

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।