जय भोले नाथ भगवान

श्री कन्हैयाजी आगीवाल
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जय भोले नाथ भगवान कर दो सबका कल्याण

जय जय शिव शंकर अविनाशी

हम तेरी है संतान देदो भक्ति वरदान

जय जय शिव शंकर अविनाशी

शिव रूप भयंकर तेरा महाकाल का लगता डेरा

अंग भसमी रमी समशान कर दो सबका कल्याण

जय जय शिव शंकर अविनाशी

गल नाग भुजंग समाए गंगा की धार बहाए

तेरी अजब निराली शान कर दो सबका कल्याण

जय जय शिव शंकर अविनाशी

शिव ओढ़े मृग की छाला गल मे मुंडो की माला

गोपाल करे गुणगान कर दो सबका कल्याण

जय जय शिव शंकर अविनाशी

स्वर - श्री कन्हैयाजी आगीवाल

+919922719110

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।