आये है दिन नवरातो के मेरी मैया के

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आये है दिन नवरातो के मेरी मैया के जगरातों के,

जिस घर में माँ की ज्योत जलाई जाती है,

माँ नवरातो में धन बरसाने आती है ,

तू खर्चा कर नवरातो में तू खर्चा कर जगरातों पे,

फिर तू देख माँ कैसे तकदीर बनाती है,

माँ नवरातो में धन बरसाने आती है ,

जिस घर में होते नवराते वहा माँ के पैर पड़ जाते,

उस घर की लुगाई सेठानी कहलाती है,

माँ नवरातो में धन बरसाने आती है ,

जब देती माँ देती जाये लाखों के करोडो बन जाये,

महंगी चीजे सस्ती लगने लग जाती है,

माँ नवरातो में धन बरसाने आती है ,

तेरी किस्मत बंद है ताले में,

और चाभी माँ के हवाले में,

कहता है पवन मैया वो चाभी घुमाती है,

माँ नवरातो में धन बरसाने आती है ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।