मेरे अंगना में छाई बहार मेरे घर माँ आई

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरे अंगना में छाई बहार मेरे घर माँ आई,

प्यारा लगने लगा संसार मेरे घर माँ आई,

आज मुरादों का दिन आया माँ ने अपना वाधा निभाया,

देखो होके सिंह सवार मेरे घर माँ आई,

मेरे अंगना में छाई बहार मेरे घर माँ आई,

ऐसा रूप नजरिया का है चंदा भी शरमा जाता है,

आज लू मैं नजर उतार मेरे घर माँ आई,

मेरे अंगना में छाई बहार मेरे घर माँ आई,

अपनी खुशी मैं कैसे छुपाऊ,

पंकज पर बलिहारी जाऊ,

मेरा सपना हुआ साकार मेरे घर माँ आई

मेरे अंगना में छाई बहार मेरे घर माँ आई,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।