देखते रह जाओगे देखते रह जाओगे

जय शंकर चौधरी
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

देखते रह जाओगे देखते रह जाओगे

आओगे कुटिया में मेरी कुटिया में ही रह जाओगे

श्याम तेरा मंदिर संगमरमर का

की घर मेरा है सस्ते पत्थर का

हर पत्थर में प्यार समाया कहाँ पे दिल को लगाओगे

देखते रह जाओगे देखते रह जाओगे

श्याम तेरा लकड़ी का दरवाजा

हमारे घर है दिल का दरवाज़ा

उससे निकल जाओगे लेकिन इससे निकल नहीं पाओगे

देखते रह जाओगे देखते रह जाओगे

श्याम तेरा चांदी का सिंघासन

यहाँ पे मेरी पलकों का है आसन

इक चाँदी का इक नयनों का कहाँ पे डेरा जमाओगे

देखते रह जाओगे देखते रह जाओगे

श्याम तेरा गाँव का पानी खारा

यहाँ पे बनवारी असुंवन धारा

एक कुवें का एक अखियन का किससे चरण धुलवाओगे

देखते रह जाओगे देखते रह जाओगे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।