तेरे होते क्यों गीली है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं नना फूल तेरा माँ तेरी बगियाँ की डाली का,

तेरे होते क्यों गीली है मेरी अखियां बता दो माँ,

ओ माँ महासर माँ ...

हुई मुझसे गलती क्या बता दो महासर माँ,

क्यों बैठी हो रूठी सी हंस दो ना प्यारी माँ,

परेशान हो रहा हु माँ अकेला रो रहा हु माँ,

तेरे होते क्यों गीली है मेरी अखियां बता दो माँ

सुना है मैंने माँ का दिल नहीं होता है पत्थर का,

महासर माँ चली आना भूलता तेरा बेटा माँ,

मुझे अपना बना ले माँ शरण अपनी लगा ले माँ,

तेरे होते क्यों गीली है मेरी अखियां बता दो माँ

तेरे राही का है सपना बना लो माँ मुझे अपना,

मैं देखु तेरा दर्शन माँ यही अरदास मेरी माँ,

मेरा विशवाश टूटे ना सपनो की आस टूटे न,

तेरे होते क्यों गीली है मेरी अखियां बता दो माँ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।