सुनते हो श्याम सब की सुनलो जरा हमारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुनते हो श्याम सब की सुनलो जरा हमारी,

सुनलो जरा हमारी इक आस है तुम्हारी,

हम भी शरण है तेरी करदो दया बिहारी,

अश्को से घुट पी के जख्मो को अपने सित्ते,

जीवन ये यूही बीते विपदा पड़ी है बाहरी,

सुनते हो श्याम सब की सुनलो जरा हमारी,

कह ती है सारी दुनिया के कहा तेरा कन्हियाँ,

मझधार में है नइयाँ करदो मदत हमारी,

सुनते हो श्याम सब की सुनलो जरा हमारी,

हारे के तुम सहारे हम तो है बेसहारे,

आये है तेरे द्वारे विशवाश की है बारी,

सुनते हो श्याम सब की सुनलो जरा हमारी,

मोहित कहे कन्हाई पकड़ो मेरी कलहाई,

इतनी सी है दुहाई करदो नजर तुम्हारी,

सुनते हो श्याम सब की सुनलो जरा हमारी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।