भवानी मुझे दर पे बुलाती रहियो

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

भवानी मुझे दर पे बुलाती रहियो,

मैया जी मुझे दर पे भुलाती रहियो,

ये दुनिया इक भूल भुलइयाँ,

चलना नहीं मुझे आई मईया,

आगे आगे मेरे चल कर,

राह दिखाती रहियो,

भवानी मुझे दर पे बुलाती रहियो

तू तो है बिगड़ी बनाने वाली,

सब की भूल भुलाने वाली,

भूल कोई हो जाये मुझसे,

उसको भुलाती रहियो,

भवानी मुझे दर पे बुलाती रहियो

पाप पुण्य मेरे मत देखो केवल अपनी शरण में लेलो,

अब तक किरपा जैसे लुटाई वैसे लुटाती रहियो,

भवानी मुझे दर पे बुलाती रहियो

जानता है ये तो जग सारा राम कुमार लखा है तुम्हारा,

कभी कभी शर्मा के घर पर भी तू आती रहियो,

भवानी मुझे दर पे बुलाती रहियो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।