दो बात करूंगा किरशण ते

विधि देशवाल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मन्ने राज भवन म जाणे दो

दो बात करूंगा किरशण ते,

क्यों समझ मन्ने बिखारी से रे ,

मेरी किरशण गेयला यारी से,

मन्ने बात बता दी सारी से रे,

दो बात करूंगा किरशण ते,

मैं भूलू कौन्या अहशान तेरा रे,

तू लेले कहणा मान मेरा,

मन्ने कौन्या चहिये दान तेरा रे,

दो बात करूंगा किरशण ते,

तू क्यों मन में घबराव से रे,

कह यार सुदामा आर्या से,

मेरा मिलने ने जी चाहरर्या से रे

दो बात करूंगा किरशण ते,

गुरु चन्दरभान बता दे अगर,

वो सुणते भाग्या आवगा,

मन्ने प्रेम सहित ले जावगा रे,

दो बात करूंगा किरशण ते,

मन्ने राज भवन म जाणे दो

दो बात करूंगा किरशण ते,

गायक : विधि देशवाल

बोल : चन्द्रभान महाराज

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।