जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या रिश्तेदार हैं

जय शंकर चौधरी
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या रिश्तेदार हैं,

उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।

वो भी बाबा कहते हैं हम भी बाबा कहते हैं,

वो भी सेवा करते हैं हम भी सेवा करते हैं ।

हम तो छोटे मोटे भिखारी वो क्या जागीरदार हैं,

उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ॥

वो भी परिवार तेरा ये भी है परिवार तेरा,

उनको भी आधार तेरा हमको भी आधार तेरा ।

हम तो तुम्हारे दर के नौकर वो क्या हिस्सेदार हैं,

उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ॥

वो भी दर पर जाते हैं हम भी दर पर जाते हैं,

वो भी मांग लाते हैं हम भी मांग के लाते हैं ।

देख देख कर झोली भरता तुं कैसा दातार है,

उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ॥

उनको भर भंडार दिया उनको छप्पर फाड़ दिया,

जब आई मेरी बारी अपना पल्ला झाड़ लिया ।

उनको भक्तों का तेरा साथ में चलता क्या व्यापार है,

उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ॥

वो भी लाल तुम्हारे हैं हम भी लाल तुम्हारे हैं,

तेरे पास क्या श्याम धनी दिल भी न्यारे न्यारे हैं ।

वही अकेले वारिसहम क्या झूठे दावेदार हैं,

उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ॥

किस्मत फर्क समझती है तुं भी फरक समझता क्या,

किस्मत से गर मिलता है फिर तुं झोली भरता क्या ।

श्याम धनी तक़दीर बदलता ये कहना बेकार है,

उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ॥

मर्ज़ी है मेरे श्याम की होना है सो होना है,

भेद तुम्हारे दिल में है इसी बात का रोना है ।

अलग अलग नज़रों से देखे तुं कैसी सरकार है,

उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ॥

जिनको सेठ बनाया है हल्ला यहीं मचाते हैं,

खाटू जाकर लाये हैं नीचा हमें दिखाते हैं ।

बनवारी बस इतना बता दे खाटू क्या दो चार हैं,

उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।