आज आ गई है चौंकी वाली रात

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आज आ गई है चौंकी वाली रात ढोलिया ढोल वजा,

असि नचना है सारी रात ढोलिया ढोल बजा,

आज आ गई है चौंकी वाली रात ढोलिया ढोल वजा,

लख लख साढे वलो एहना नु वधाई है,

मैया जी दी ज्योत जिह्ना रल के जगाई है,

आज रेहमता दी होनी बरसात,ढोलिया ढोल वजा,

आज आ गई है चौंकी वाली रात ढोलिया ढोल वजा,

आओ सारे रल मिल माई नु मनाइये,

दिल वाला हाल शेरावाली नु सुनाइये,

एह ता सुंदी है दिल वाली बात ढोलिया ढोल वजा,

आज आ गई है चौंकी वाली रात ढोलिया ढोल वजा,

ओ ख़ुशी वाली रात बड़े भागा नाल आई है,

दुरो दुरो संगता भी दर्शन नु आई है,

ले लो ले लो माई कोलो सौगात ढोलिया ढोल वजा,

आज आ गई है चौंकी वाली रात ढोलिया ढोल वजा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।