हर इक सपने से सुंदर मेरा संसार

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॥ पावन पाठ ॥

हर इक सपने से सुंदर मेरा संसार है,

अपनों से भरा आंगन खुशियाँ हजार है,

मुझे कैसे छुये कोई गम थामे है हर कदम,

संग संग मेरे सदा अपनों का प्यार है,

सुबह देखि शामे देखि रातो को देखि चाँद सितारे,

देखा अपनों की आँखों से तो और भी प्यारे लगे नजारे,

और करू मैं क्या व्यान कैसे कहू मैं शुकरीयाँ,

जान लुटाऊ तो भी कम है एसा ये प्यार है,

हर इक सपने से सुंदर मेरा संसार है,

अपनों से भरा आंगन खुशियाँ हजार है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।