शिरडी के गॉव में

रहीम दास
श्री कृष्ण भजन साईं भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

शिर्डी के गाव में नीमवा की छाओ में बेठा है वो बाबा कौन,

वही तो सीता का राम है वही तो राधा का श्याम है,

शिर्डी के गाव में.......

कोई राम कहे कोई आल्हा कोई काली कमली वाला,

मजिद में राम है वसता मंदिर में अल्ल्हा काला,

राम वो रहीम वो दीनो का नाथ है,

शिर्डी के गाव में ...........

जिस ने जिस रूप में पूजा उसको है दरश दिखाया,

सब का है एक ही मालिक मेरे साईं ने बतलाया,

जान लो पहचान लो सब उसका ही नूर है,

शिर्डी के गाव में ....

शिर्डी के हर कण कं में वस्ता है शिरडी वाला,

अपने भगतो का साईं पग पग वो रखवाला,

अमीर वो फ़कीर वो पीरो का पीर है,

शिर्डी के गाव में

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।