तेरा जनम मरण मिट जाए तू हरी का नाम सुमिर प्यारे

पुरषोत्तम दास जलोटा
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

तेरा जनम मरण मिट जाए,

तू हरी का नाम सुमिर प्यारे ।

बालापन में मन खेलन में, सुख दुःख नहीं था रे,

जोबन रसिया कामन बसिया तन मन धन हारे ।

तू हरी का नाम सुमिर प्यारे...

बूढा हो कर घर में सो कर, सुने वचन खारे,

दुर्बल काया रोग सताया, तृष्णा तन जारे ।

तू हरी का नाम सुमिर प्यारे...

प्रभु नहीं सुमिरा बीता उमरा, काल आए मारे

‘ब्रह्मानंद’ बिना जगदीश्वर कौन विपत टारे

तू हरी का नाम सुमिर प्यारे...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।