मैंने सुना तु यार गरीबों का

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ये सारे खेल तुम्हारे है

जग कहता खेल नसीबों का

मैं तुझसे दौलत क्यूँ मांगू

मैंने सुना तु यार गरीबों का

तेरी दीन सुदामा से यारी

हमको ये सबक सिखाती है

धनवानों की ये दुनियां है

पर तु निर्धन का साथी है

दौलत के दीवाने क्या जाने

तु आशिक़ सदा गरीबों का

मैं तुझसे दौलत क्यूँ मांगू

मैंने सुना तु यार गरीबों का

तुने पत्थर से बहार आकर

धन्ना का रोट भी खाया था

तुने हाली बन धन्ना के

खेतों में हल भी चलाया था

तेरी इसी अदा से जान गया

तु पालन हार गरीबों का

मैं तुझसे दौलत क्यूँ मांगू

मैंने सुना तु यार गरीबों का

नरसी ने दौलत ठुकराकर

तेरे सा बेटा पाया था

तुने कदम कदम पर कान्हा

बेटे का धरम निभाया था

कोई माने या प्रभु ना माने

तु पालन हार गरीबो का

मैं तुझसे दौलत क्यूँ मांगू

मैंने सुना तु यार गरीबों का

प्रभु छमा करो रोमि सबको

तेरी राज की बात बताता है

तु सिक्के चांदी के देकर

हमे खुद से दूर भगाता है

तेरी इसी अदा से जान गया

तुझको विश्वाश गरीबों का

मैं तुझसे दौलत क्यूँ मांगू

मैंने सुना तु यार गरीबों का

हम तुमको तुम से मांग के ही

तेरी ये बाज़ी जीतेंगे

तेरे चरणों में रोमि के

अब दिन सावरिया बीतेंगे

हम दीन हीन दुखियारे है

तु दातार है गरीबों का

मैं तुझसे दौलत क्यूँ मांगू

मैंने सुना तु यार गरीबों का

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।