विनती है तुमसे यही खाटू के नरेश

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

विनती है तुमसे यही खाटू के नरेश,

दरबार तेरा न छूटे न छूटे कभी ये देश,

सरहद पे रहता लाल यो मेरा तेरे सहारे तेरे सहारे,

पल पल उसकी रक्शा करना उसमे प्राण है मेरे,

दे देना सन्देश उसको खाटू के नरेश,

साथ तेरा न छूटे न छूटे कभी ये देश,

विनती है तुमसे यही खाटू के नरेश,

हुये जो शहीद उन आँखों के तारो को,

शरण में रखना शरण में रखना,

व्यर्थ ना जाये बलिदान दुनिया दुशमन को धेरे,

लगे न दिल पे ठेस फिर से खाटू के नरेश,

धीरज ना टूटे कभी ना न छूटे कभी ये देश,

भारत के जैसे वीर सुपूत और कहा रे,

तुम भारत के भाग्ये विधाता हम तो दास है तेरे,

बदले न जग बेस कभी भी खाटू के नरेश,

टीटू खुशियां ना लुटे न छूटे कभी ये देश

विनती है तुमसे यही खाटू के नरेश,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।