प्रभु मेरे अवगुण चित ना धरो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

प्रभु मेरे अवगुण चित ना धरो |

समदर्शी प्रभु नाम तिहारो, चाहो तो पार करो ||

एक लोहा पूजा मे राखत, एक घर बधिक परो |

सो दुविधा पारस नहीं देखत, कंचन करत खरो ||

एक नदिया एक नाल कहावत, मैलो नीर भरो |

जब मिलिके दोऊ एक बरन भये, सुरसरी नाम परो ||

एक माया एक ब्रह्म कहावत, सुर श्याम झगरो |

अबकी बेर मोही पार उतारो, नहि पन जात तरो ||

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।