॥ दोहा ॥
दीनानाथ दयाल प्रभु, तुम ही हो रखवार।
इंद्रेश शरण में आ पड़ा, लाज रखो सरकार॥
॥ चौपाई ॥
बांके बिहारी लाल मेरी लाज रखना।
मेरी लाज रखना, मेरा ध्यान रखना॥
बांके बिहारी लाल मेरी लाज रखना॥
संसार में किसी का भरोसा नहीं है।
तेरे सिवा कोई सहारा नहीं है॥
डूबती नैया को किनारे पे करना।
बांके बिहारी लाल मेरी लाज रखना॥
पापों की गठरी सिर पे उठाई।
तेरे सिवा किसने बिगड़ी बनाई॥
अवगुण मेरे प्रभु क्षमा तुम करना।
बांके बिहारी लाल मेरी लाज रखना॥
इंद्रेश कहे हाथ जोड़ कन्हैया।
तुम ही हो मेरे जीवन खिवैया॥
चरणों में अपने सदा मुझको रखना।
बांके बिहारी लाल मेरी लाज रखना॥
॥ दोहा ॥
बांके बिहारी दीनबंधु, पतित पावन नाम।
इंद्रेश उर में वास करो, पूरण कीजो काम॥