बाबा तेरा सहारा मुझे मिल गया

कन्हैया मित्तल
अन्य भजन भजन कन्हैया मित्तल
॥ दोहा ॥

भटके हुए मुसाफिर को, जो राह दिखा देता।
वो सांवरिया सरकार है, जो सबको सहारा देता॥

॥ चौपाई ॥

बाबा तेरा सहारा, मुझे मिल गया।
मुरझाया हुआ ये दिल, फिर से खिल गया॥
बाबा तेरा सहारा, मुझे मिल गया॥

जब सबने छोड़ दिया था, तूने संभाला मुझे।
अंधेरे जीवन से निकाल, उजियारा दिया मुझे॥
अब कोई ग़म नहीं है, खुशियों का संसार मिला।
बाबा तेरा सहारा, मुझे मिल गया॥

कन्हैया मित्तल गाए, दिल से तेरा तराना।
तू ही मेरा मालिक है, तू ही मेरा ठिकाना॥

॥ दोहा ॥

दीन दयाल सांवरिया, सब विधि रखियो लाज।
कन्हैया मित्तल चरणों में, जय खाटू सिरताज॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

कष्टों और अवसाद के अंधकार में बाबा श्याम की कृपा से प्राप्त नवजीवन, संबल और कृतज्ञता का प्रकटीकरण।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।