॥ दोहा ॥
भटके हुए मुसाफिर को, जो राह दिखा देता।
वो सांवरिया सरकार है, जो सबको सहारा देता॥
॥ चौपाई ॥
बाबा तेरा सहारा, मुझे मिल गया।
मुरझाया हुआ ये दिल, फिर से खिल गया॥
बाबा तेरा सहारा, मुझे मिल गया॥
जब सबने छोड़ दिया था, तूने संभाला मुझे।
अंधेरे जीवन से निकाल, उजियारा दिया मुझे॥
अब कोई ग़म नहीं है, खुशियों का संसार मिला।
बाबा तेरा सहारा, मुझे मिल गया॥
कन्हैया मित्तल गाए, दिल से तेरा तराना।
तू ही मेरा मालिक है, तू ही मेरा ठिकाना॥
॥ दोहा ॥
दीन दयाल सांवरिया, सब विधि रखियो लाज।
कन्हैया मित्तल चरणों में, जय खाटू सिरताज॥