चौखट खाटू श्याम की, कल्पवृक्ष सम जान।
जो माँगे सो पावती, कहत सकल जहान॥
बाबा के दर पे जो आ गया, वो निहाल हो गया।
खाली झोली लेकर आया था, वो मालामाल हो गया॥
बाबा के दर पे जो आ गया॥
आँखों में आँसू थे जिसके, लब पे मुस्कान आ गई।
बाबा ने जब कृपा करी तो, जीवन में बहार आ गई॥
जिसका कोई ना था जग में, उसका सांवरिया हो गया।
बाबा के दर पे जो आ गया, वो निहाल हो गया॥
कलयुग में ऐसा देव ना दूजा, जो पल में बिगड़ी सँवारे।
दीन दुखी के कष्ट मिटाए, भव से पार उतारे॥
श्याम नाम की मस्ती में, जो भी बेहाल हो गया।
बाबा के दर पे जो आ गया, वो निहाल हो गया॥
कन्हैया मित्तल गाए महिमा, खाटू के सरकार की।
सदा सलामत रहे ये चौखट, मेरे लखदातार की॥
बाबा के दर पे जो आ गया, वो निहाल हो गया॥
निहाल करे जो भक्त को, सोई खाटू श्याम।
कन्हैया मित्तल गावती, जय जय सीताराम॥