अवध पुरी अति पावन भूमि, जहाँ जन्मे रघुवीर।
दर्शन कर सब सुख लहैं, कटे सकल भव पीर॥
अयोध्या में राम लला का, भव्य मंदिर बन गया।
राम भक्तों का ये जीवन, आज पावन बन गया॥
अयोध्या में राम लला का॥
सरयू तट पर गूँज रहा है, राम नाम का गान।
स्वर्ण कलश और ध्वजा लहराए, देख रहा जहान॥
तम्बू से अब महल पधारे, राजा राम हमारे।
देख छवि ये मनमोहिनी, धन्य हुए जग सारे॥
अयोध्या में राम लला का, भव्य मंदिर बन गया॥
लाखों दीप जले अवध में, आज दिवाली आई।
सारे हिन्दुस्तान में फैली, खुशियों की तरुणाई॥
राम राज की पावन बेला, फिर से लौट के आई।
अयोध्या में राम लला का, भव्य मंदिर बन गया॥
कन्हैया मित्तल शीश झुकाए, रघुपति के चरणों में।
जय श्री राम का जाप करो सब, हर पल इन नयनों में॥
अयोध्या में राम लला का, भव्य मंदिर बन गया॥
श्री राम जय राम जय जय राम, बोलो आठों याम।
कन्हैया मित्तल वंदना, पूरण कीजे काम॥