अरे मन भजले राधा नाम मिट जाए भव का काम

देवी चित्रलेखा
श्री कृष्ण भजन भजन देवी चित्रलेखा
॥ दोहा ॥

राधा नाम परम जड़ी, जीवन कर दे पार।
देवी चित्रलेखा कहे, भजहु युगल सरकार॥

॥ चौपाई ॥

अरे मन भजले राधा नाम।
मिट जाए भव का काम॥
अरे मन भजले राधा नाम॥

राधा नाम वो अमृत रस है, जो पिए सो तर जाए।
कलिकाल के कठिन ताप से, सहज मुक्ति वो पाए॥
सच्ची शांति मिलेगी तुझको, श्री राधे के धाम॥
अरे मन भजले राधा नाम॥

धन दौलत सब यहीं रहेगी, कोई ना संग चलेगा।
एक राधा का नाम ही केवल, अंत समय में मिलेगा॥
छोड़ दे जग की झूठी माया, जप ले आठों याम॥
अरे मन भजले राधा नाम॥

देवी चित्रलेखा कहे मनवा, देर ना कर अब भाई।
बरसाने वाली श्यामा ने, सब पर कृपा लुटाई॥
चरण शरण में जाके कह दे, जय जय श्यामा श्याम॥
अरे मन भजले राधा नाम, मिट जाए भव का काम॥

॥ दोहा ॥

राधा राधा जो रटे, सो पावे वैकुंठ।
देवी चित्रलेखा शीश धरे, टूटे माया कुंठ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

मन को सांसारिक तृष्णाओं से विमुख कर श्री राधा नाम में लीन होने की परम कल्याणकारी प्रेरणा।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।