आ रही है पालकी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

आ रही है पालकी,

भोलेनाथ शम्भू महाकाल की,

हार फूल धूप बत्ती,

हाथ में है थाल प्रसाद,

शम्भू महाकाल की,

आ रही हैं पालकी,

भोलेनाथ शम्भू महाकाल की ॥

हाथी घोड़े आगे बाजे बैंड बाजे,

देखी झांकी कमाल की,

कोई भूत कोई भोले,

आते जाते हर एक बोले,

जय शम्भू महाकाल की,

साँस चढती आस बढ़ती,

दर्शनों की ललक,

शंभू महाकाल की,

आ जाये सुकून धडकनौ को,

जो दिखे सवारी की झलक,

शम्भू महाकाल की ॥

दुख घटेंगैं सुख बढ़ेंगे,

अपने भक्तों के भरेंगे घाव,

महाकाल जी,

किरपा की तिरपाल रहती,

हैं ये पूरे साल सर पर,

महाकाल की,

जितनी नजर मिले,

उतनी मिले नजर,

महाकाल की,

करम है भरम है,

जीवन में भरे रंग है,

इक नजर मेरे महाकाल की ॥

आ रही है पालकी,

भोलेनाथ शम्भू महाकाल की,

हार फूल धूप बत्ती,

हाथ में है थाल प्रसाद,

शम्भू महाकाल की,

आ रही हैं पालकी,

॥ दोहा ॥

भोलेनाथ शम्भू महाकाल की ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।