आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा ।

दिल ने पुकारा तू है मेरा सहारा माँ ॥

शेरांवाली, जोतांवाली, मेहरांवाली माँ ।

आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा ॥

प्रेम से बोलो, जय माता दी ।

सारे बोलो, जय माता दी ।

मिल के बोलो, जय माता दी ।

फिर से बोलो, जय माता दी ।

मैंने मन से तेरी पूजा की है सांझ सवेरे ।

मुझ को दर्शन दे के मैया, भाग जगा दे मेरे ।

मैंने मन से तेरी पूजा की है सांझ सवेरे ।

मुझ को दर्शन दे के मैया, भाग जगा दे मेरे ।

मैया मैया बोले मेरा, मन एक तारा माँ ॥

॥ आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा...॥

तूने ही पाला है मुझको, तू ही मुझे संभाले ।

तूने ही मेरे जीवन मे, पल पल किये उजाले ।

तूने ही पाला है मुझको, तू ही मुझे संभाले ।

तूने ही मेरे जीवन मे, पल पल किये उजाले ।

चरणों मे तेरे मैंने, तन मन वारा माँ ॥

॥ आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा...॥

मान ले मेरी विनती मैया, एक झलक दिखला दे ।

रूप की शीतल किरणों से नयनो के द्वार सजा दे ।

मान ले मेरी विनती मैया, एक झलक दिखला दे ।

रूप की शीतल किरणों से नयनो के द्वार सजा दे ।

नो को रूप तेरा लगता है प्यारा माँ ॥

॥ आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा...॥

जय माता दी, जय माता दी ।

कष्ट निवारे, शेरों वाली ।

पार लगादे, शेरों वाली ।

है दुःख हरनी, शेरों वाली ।

बिगड़ी बना दे, शेरों वाली ।

प्रेम से बोलो, जय माता दी ।

सारे बोलो, जय माता दी ।

जोर से बोलो, जय माता दी ।

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।