दिखा रहे हैं 24 भजन (पृष्ठ 439 / 5665, कुल 135,942 भजनों में से)
10513
सुन ले फरियाद सांवरे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10514
वन विच डमरू खड़के
पारंपरिक
महादेव
10515
किन्ना सोहना तेरा भवन सजाया जी करे वेखदा रवा
पारंपरिक
माता दुर्गा
10516
तेरे दर्शन को बांके बिहारी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10517
कान्हा गोकुल आजा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10518
मथुरा वृन्दावन में गूंजे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10519
श्याम सुन्दर राधा के पिया
अलका गोएल
श्री कृष्ण
10520
हे दीनबंधु दयालु तू
पारंपरिक
अन्य
10521
दरबार में कन्हैया देखा अजब नजारा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10522
लागी रहे माँ तेरे चरनो संग प्रीत
पारंपरिक
माता दुर्गा
10523
अपने प्रेमी को मेरे बाबा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10524
जवाला रानीए तेरे नाम दी बल्ले बल्ले
पारंपरिक
माता दुर्गा
10525
गणपति को लग गई नजरिया
पारंपरिक
श्री गणेश
10526
वो काल क्या करेगा महाकाल के आगे
पारंपरिक
महादेव
10527
रे मनवा प्रेम जगत का सार
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10528
सपने च जोगी दा दीदार हो गया
पारंपरिक
अन्य
10529
खाटू में आके कईया बैठा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10530
करम की गति न्यारी न्यारी संतो
मीरा बाई
अन्य
10531
करता रेहमत की बरसात है
अलका गोएल
श्री कृष्ण
10532
गुफ़ा विचो जोगी दा दीदार हो गया
पारंपरिक
अन्य
10533
तेरा चंचल चला गया
पारंपरिक
माता दुर्गा
10534
चौखट पे हूँ खड़ा मैं सांवरे तेरी शरण पड़ा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10535
थाणे भावे माँ गोटे धार चुनडी
पारंपरिक
अन्य
10536
बड़ा ही प्यारा लागे खाटू वाला श्याम
पारंपरिक
श्री कृष्ण