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10489
मेरा खाटू बाला श्याम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10490
डोलगिरी पर्वत पे बाबा बालक का बसेरा है
पारंपरिक
माता दुर्गा
10491
थारे घट में विराजे भगवान
संत कबीर
श्री कृष्ण
10492
तू छोड़ फिकर चल खाटू में
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10493
मैया री मैं तो वृन्दावन चली जाऊँगी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10494
थक गया हूँ चलते चलते
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10495
मरना है तो एक बार मरो
पारंपरिक
अन्य
10496
कृपा की दृष्टि मुझपे भी अगर इक बार हो जाए
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10497
मेन्नु सोणा सोणा लगदा है तू
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10498
माता दे दरबार संगता चलिआ ने
पारंपरिक
माता दुर्गा
10499
संवारे संवारे तेरे बिना लागे नही जीया संवारे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10500
बाबा थारी चाकरी में धनो मजा आवे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10501
हारने मुझे तू क्यों देता नही
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10502
होने नहीं दे कभी तेरी हार
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10503
तेरी काया रहे अलमस्त
संत कबीर
विष्णु भगवान
10504
आज गौरा ते शिव दा विआह
पारंपरिक
महादेव
10505
डमरू वाला नहींयो बोलदा
पारंपरिक
महादेव
10506
मांऐ नी मांऐ छीटे मेहरां वाले मार दे
पारंपरिक
माता दुर्गा
10507
मोहन मुरली वालिया तूँ आजा वे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10508
जाविदां हिन्दुस्तान
पारंपरिक
माँ गंगा
10509
मैं तो हो गयी रे श्याम की दीवानी
अलका गोएल
श्री कृष्ण
10510
सुमिरण दुख भंजन का
पारंपरिक
श्री गणेश
10511
नी मैं हस हस प्रीतां ला लइयां
पारंपरिक
श्री कृष्ण
10512
ओ सँवारे
पारंपरिक
श्री कृष्ण