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काली कमली वाले ने पारंपरिक
श्री कृष्ण
5306
तूने प्यार से जो बंसी भजाई पारंपरिक
श्री कृष्ण
5307
धनशयाम तूझे पारंपरिक
श्री कृष्ण
5308
रसिया को नारी बनाओ री रसिया को पारंपरिक
श्री कृष्ण
5309
हारे का साथ निभाना पड़े गा पारंपरिक
श्री कृष्ण
5310
ए वेला तेरे हथ नई आउना संत कबीर
अन्य
5311
साड़ी बाबा जी ने करनी बल्ले बल्ले पारंपरिक
अन्य
5312
पंख जो होते मैं उड़ जाती पारंपरिक
श्री कृष्ण
5313
भेरुजी नाना नाना थारे बाजे गुगरा पारंपरिक
माता दुर्गा
5314
राधे हो जा तैयार होली खेले लठमार पारंपरिक
श्री कृष्ण
5315
मेरा श्याम ही आता है पारंपरिक
श्री कृष्ण
5316
आई जी होली हो जाओ त्यार पारंपरिक
श्री कृष्ण
5317
अबकी सांवरिया को नहीं छोड़ेंगे पारंपरिक
श्री कृष्ण
5318
रंगो की बरसे फुहरिया चलो खाटू नगरिया पारंपरिक
श्री कृष्ण
5319
फागण मेले में खाटू माही भक्तों की लगे कतार पारंपरिक
श्री कृष्ण
5320
इस दिल के दुखड़े कहने को मैं द्वार तुम्हारे आया हूँ पारंपरिक
श्री कृष्ण
5321
मुरली फुटरी बजाई रे नंदलला पारंपरिक
श्री कृष्ण
5322
श्याम की ऊँगली पकड़ के चलु श्याम की रेहमत पे मैं पलु पारंपरिक
श्री कृष्ण
5323
होरी खेले रे कन्हियाँ मेरो म्हारो रसियां रे पारंपरिक
श्री कृष्ण
5324
जाने वालों ज़रा पूछना श्याम से पारंपरिक
श्री कृष्ण
5325
कान्हा मान ले मेरी बात पारंपरिक
श्री कृष्ण
5326
जो बोले जय श्री श्याम पारंपरिक
श्री कृष्ण
5327
छबीला महारा गिरधारी पारंपरिक
श्री कृष्ण
5328
होली खेले नंदलाला ब्रिज में पारंपरिक
श्री कृष्ण