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ई लव यू सँवारे कैसे यो कर्जा तेरा चुकाऊ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5258
फागुन मेला तेरा खाटू में कमाल लगता
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5259
रंगीला फागण आयो रे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5260
आये रुत या बसंत होली खेला संवारा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5261
मोहे भी रंग दे कन्हियाँ तेरे रंग में
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5262
मेरी पहचान मेरा खाटूवाला श्याम है
सौरभ मधुकर
श्री कृष्ण
5263
मैं तो सांवरियां की हो ली रे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5264
खेला सांवरियां संग होली
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5265
तू है मेरा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5266
जाने लगा हूँ जबसे खाटू मैं
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5267
कक्खों लख बनाउँदी मेरी माँ
पारंपरिक
माता दुर्गा
5268
दर्शन दो आज दर्शन देदो देदो
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5269
अपना हरी है हजार हाथ वाला
पारंपरिक
विष्णु भगवान
5270
थाली भरकर ल्याइै रै खीचड़ौ
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5271
पूछे रहे भोलेनाथ गोरा तुम के बहना
पारंपरिक
महादेव
5272
सजनी फागण ते फागुन आयो मैं तो खेलु गई श्याम संग फाग
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5273
तेरे दो मैया दो बाप कान्हा तोहे क्या बोलूं
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5274
भाई रे तीन लोक के नाथ बैठ लिए अर्जुन के रथ पर
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5275
फागुन आ गयो रे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5276
खेले मसाने में होरी दिगम्बर
पारंपरिक
महादेव
5277
आयो फगुनिया सरकार
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5278
ये गोरी माँ का लाला भगतो
पारंपरिक
श्री गणेश
5279
छा गई है फागुन की बहार
पारंपरिक
श्री कृष्ण
5280
बता मेरे यार सुदामा रै भाई घणे दिना में आया
पारंपरिक
श्री कृष्ण