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मधुराष्टकम - अधरं मधुरं वदनं मधुरं
मृदुल कृष्ण शास्त्री
श्री कृष्ण
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नैनन में पिचकारी दई श्याम मोपे रंग डारो
इंद्रेश जी महाराज
श्री कृष्ण
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राम जी की निकली सवारी राम जी की लीला है न्यारी
कन्हैया मित्तल
श्री राम
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श्याम मोहे अपनी शरण में ले लो
साध्वी पूर्णिमा जी (पूनम दीदी)
श्री कृष्ण
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वृन्दावन सो वन नहीं नन्दगाँव सो गाँव
चित्र विचित्र जी महाराज
श्री कृष्ण
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बाबा के दर पे जो आ गया वो निहाल हो गया
कन्हैया मित्तल
अन्य
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कपीश्वर महाबली - असुर संहारक रूप संकीर्तन
संत तुलसीदास
हनुमान जी
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कभी रूठना ना मुझसे मेरे सांवरे सलोने
चित्र विचित्र जी महाराज
श्री कृष्ण
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राधे तू बड़भागिनी कौन तपस्या कीन
इंद्रेश जी महाराज
श्री कृष्ण
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श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं
मृदुल कृष्ण शास्त्री
श्री कृष्ण
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श्याम धणी खाटू के राजा सुन लो हमारी पुकार
पूजा सखी
अन्य
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श्याम हमारो धन हम श्याम के
संजय मित्तल
श्री कृष्ण
34333
तेरे नाम के सहारे मेरी नाव चल रही है
साध्वी पूर्णिमा जी (पूनम दीदी)
श्री कृष्ण
34334
आजा संवारे सलोने कन्हैया
साध्वी पूर्णिमा जी (पूनम दीदी)
श्री कृष्ण
34335
भगवा रंग लहराएंगे (सनातन का सम्मान)
कन्हैया मित्तल
श्री राम
34336
वैष्णो माता रानी - ज्योति स्वरूप माता आराधना
गुरु नानक देव जी
माता दुर्गा
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चित्र विचित्र सा रूप सलोना मेरे बांके बिहारी का
चित्र विचित्र जी महाराज
श्री कृष्ण
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किशोरी कुछ ऐसा इंतज़ाम हो जाए जुबां पे राधा राधा नाम हो जाए
पूजा सखी
श्री कृष्ण
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मैं तो आरती उतारूँ रे राधारमण जी की
इंद्रेश जी महाराज
श्री कृष्ण
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मेरे दिल में समाए रहो श्याम प्यारे
संजय मित्तल
श्री कृष्ण
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मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने
मृदुल कृष्ण शास्त्री
श्री कृष्ण
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वक्रतुण्ड महाकाय - रिद्धि सिद्धि दाता संकीर्तन
संत रविदास
श्री गणेश
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छलिया का वेश बनाया श्याम चूड़ी बेचने आया
पूजा सखी
श्री कृष्ण
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झूलन आयो रे नवल किशोर हिंडोले राधा संग
इंद्रेश जी महाराज
श्री कृष्ण