दिखा रहे हैं 24 भजन (पृष्ठ 9 / 331, कुल 7,940 भजनों में से)
193
कौन मेरी नैया पार उतारे
पारंपरिक
विष्णु भगवान
194
सुन लाख टके की बात
पारंपरिक
विष्णु भगवान
195
वैकुंठ में बैठे हैं प्रभु जी कृपा ये अपनी बरसा रहे हैं
पारंपरिक
विष्णु भगवान
196
तुम हो जगत के स्वामी ओ मेरे जगन्नाथ
पारंपरिक
विष्णु भगवान
197
दुःख नगरी से प्रीत लगाई
पारंपरिक
विष्णु भगवान
198
श्री गंगा अवतरण महोत्सव
पारंपरिक
विष्णु भगवान
199
रे मन रे मन जो मत गावो हरी के गुण
पारंपरिक
विष्णु भगवान
200
खाती का छोरा
पारंपरिक
विष्णु भगवान
201
नी मैं प्यार गुरां दे नाल पा लेया
पारंपरिक
विष्णु भगवान
202
प्रभू भी पाप करनी को तेरे जब देखता होगा
पारंपरिक
विष्णु भगवान
203
गुरसामल के आंगणिये में बाजे रे पैंजनिया देखो ठुमक ठुमक कैसी लटक मटक चालै नारायणी
पारंपरिक
विष्णु भगवान
204
सत्संग तो वगैर मेरा मन न लगे
पारंपरिक
विष्णु भगवान
205
हरि काई लिखग थारा खाता म...
संत कबीर
विष्णु भगवान
206
आओ गुरुवर मेरै डालू माला तेरे
पारंपरिक
विष्णु भगवान
207
ॐ सिद्धाए नमो हरि ॐ सिद्धाए नमो
पारंपरिक
विष्णु भगवान
208
हरि हरि मेहंदी माँ
पारंपरिक
विष्णु भगवान
209
हमारे प्रेमानंद महाराज हमे प्राणों से प्यारे हैं
पारंपरिक
विष्णु भगवान
210
ये जिन्दगी धोखा दे जायेगी
पारंपरिक
विष्णु भगवान
211
आज को सूरज
पारंपरिक
विष्णु भगवान
212
जो भजे हरि को सदा सोही परम पद पावेगा
पारंपरिक
विष्णु भगवान
213
पिता ब्रह्मा पिता विष्णु पिता भगवान
पारंपरिक
विष्णु भगवान
214
आया शरण ठोकरें जग की खा के
पारंपरिक
विष्णु भगवान
215
माझे माहेर पंढरी आहे भिवरेच्या तीरी
पारंपरिक
विष्णु भगवान
216
नाम तुम्हारा तारनहारा
पारंपरिक
विष्णु भगवान