दिखा रहे हैं 24 भजन (पृष्ठ 81 / 5665, कुल 135,942 भजनों में से)
1921
हार हार के हारों का एक हार बनाया है
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1922
श्री राधे नाम अपार तू रट ले राधे राधे
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1923
कितनो बड़ो म्हारो भाग्य है दादी
सौरभ मधुकर
अन्य
1924
आओ सा घूमर नि खेलवा ने
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1925
जबसे देखे तेरे ये नयन तबसे तेरे दीवाने हुए हम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1926
खाटू वाले कर रहे हैं करम
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1927
श्मशानों के वासी हो भूतो का है साथ
पारंपरिक
महादेव
1928
इसके होते हार कहाँ पूछो इन दीवानो से
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1929
खाटू श्याम की नज़र जिसपे पड़ने लगी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1930
जोगन जोगन हां जोगन जोगन
पारंपरिक
महादेव
1931
ये गंगा जल लेकर भोले तुम्हे चढ़ाने आये है
पारंपरिक
महादेव
1932
मैं रोनी आ तेरे करके
पारंपरिक
अन्य
1933
सभी से हार कर बाबा तेरे दरबार आया हु,
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1934
साईं साईं जप बंदे क्यूं भक्ति से मुख मोड़ा है
पारंपरिक
अन्य
1935
भगत बुलावे मत ना नाटो म्हारा श्याम जी
सौरभ मधुकर
श्री कृष्ण
1936
मेरे गुरु महाराज दी किरपा बड़ी
पारंपरिक
अन्य
1937
इन्तजार करती मेरी राखी कान्हा तेरी कलाही का
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1938
खाटू मिटी में मिल जावा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1939
बम बम बम भोला नचदा है
पारंपरिक
महादेव
1940
आई बागों में बहार झूला झूले राधा प्यारी
पारंपरिक
श्री कृष्ण
1941
मैं बलिहारी सतगुर तेरे गुरु जी आये साडे वेहड़े
पारंपरिक
अन्य
1942
तेरे दरबार आए आज बाला जी
पारंपरिक
हनुमान जी
1943
मुझपर किरपा करो तुम हे शिरडी के साई
पारंपरिक
अन्य
1944
कोई देता नहीं है साथ
पारंपरिक
श्री कृष्ण