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18145
श्याम नाम जो जपले पारंपरिक
श्री कृष्ण
18146
मेरी अम्बे तू कल्याणी देवी तू वरदानी पारंपरिक
माता दुर्गा
18147
चलावे गाड़ी सत्संग की पारंपरिक
हनुमान जी
18148
तेरे दर आन वालेया दी पारंपरिक
श्री कृष्ण
18149
वो तो लाल लंगोटे वाला है पारंपरिक
हनुमान जी
18150
जय हो पवन कुमार तोरी शक्ति है अपार पारंपरिक
हनुमान जी
18151
घर श्याम दी गली दे विच पा लिया पारंपरिक
श्री कृष्ण
18152
माँ झोलियाँ भरदी पारंपरिक
माता दुर्गा
18153
मेरी शेरावाली मां पारंपरिक
माता दुर्गा
18154
श्यामा वे बंसी वालिया मैं तेरे बिन ना रैहन्दी पारंपरिक
श्री कृष्ण
18155
इक बारी वृन्दावन जाना पै गया पारंपरिक
श्री कृष्ण
18156
मेरा कान्हा ने पकड़ा हाथ अब डर काहे का पारंपरिक
श्री कृष्ण
18157
कहां छुपे हो सांवरिया पारंपरिक
श्री कृष्ण
18158
चुलकाना धाम की महिमा पारंपरिक
श्री कृष्ण
18159
तूने क्या क्या किया है हमारे लिए पारंपरिक
श्री कृष्ण
18160
सुपना दाती दा पारंपरिक
माता दुर्गा
18161
ज्योता दे लिशकारे नी अमीऐ पारंपरिक
माता दुर्गा
18162
मोरे श्यामल वरण के राम पारंपरिक
श्री कृष्ण
18163
भोला अयला शशिपुर गाम पारंपरिक
श्री गणेश
18164
यह दाने दार माला मेरे किस काम की पारंपरिक
हनुमान जी
18165
लेके हाथों में खड़ताल पारंपरिक
हनुमान जी
18166
राधे राधे बोल मना पारंपरिक
श्री कृष्ण
18167
मोरी टेर सुनो ब्रज के वासी गोवर्धन गिरधारी पारंपरिक
श्री कृष्ण
18168
मेरी लाज़ रख लै पारंपरिक
अन्य