दिखा रहे हैं 24 भजन (पृष्ठ 755 / 5665, कुल 135,942 भजनों में से)
18097
सजा दो घर को कलियों से बृज में श्याम आए हैं
पारंपरिक
श्री कृष्ण
18098
जगत रखवाला आया मुरलीवाला
पारंपरिक
श्री कृष्ण
18099
घनश्याम बृज में आया
पारंपरिक
श्री कृष्ण
18100
यशोदा जायो ललना मैं वेदन में सुन आई
पारंपरिक
श्री कृष्ण
18101
मेरी मईया शेरावाली सबके कष्ट मिटाती है
पारंपरिक
माता दुर्गा
18102
मेरे साई की शिरडी सजी है
पारंपरिक
अन्य
18103
सजे है मेरे साईनाथ
पारंपरिक
महादेव
18104
मेरी मईया का दरबार बड़ा ही लगता आलीशान
पारंपरिक
माता दुर्गा
18105
मेहरावाली ज्योतावाली मेरी मईया शेरावालिये
पारंपरिक
माता दुर्गा
18106
दर्शन दिखा दे एक बार माँ
पारंपरिक
माता दुर्गा
18107
मैं तो अभिलाषी श्याम तेरे दर्शन की,
पारंपरिक
श्री कृष्ण
18108
मेरी मईया दे गूँज रहे जैकारे
पारंपरिक
माता दुर्गा
18109
इतनी सी है दिल की आरजू
पारंपरिक
श्री कृष्ण
18110
यहाँ बनता नसीबा सभी का
पारंपरिक
श्री कृष्ण
18111
हे गोविंद राखो शरण
पारंपरिक
श्री कृष्ण
18112
मथुरा में जन्मे कन्हैया गोकुल में बाजे बधाईयां
पारंपरिक
श्री कृष्ण
18113
बैकुंठ से सज कर आया रे लाला का पलना
पारंपरिक
श्री कृष्ण
18114
श्री राम राम जय राम
पारंपरिक
श्री राम
18115
साँझ सवेरे हरी हरी बोल
पारंपरिक
श्री कृष्ण
18116
साई की निकली है पालकी
पारंपरिक
अन्य
18117
भलें कुछ और मुझे तू देना ना देना
पारंपरिक
श्री कृष्ण
18118
मैया लग रह्यो भारी चाव , आज मैं खाटू जाऊंगा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
18119
आली रे आली दरबार है आली
पारंपरिक
माता दुर्गा
18120
श्याम नाम जो नित जप ले
पारंपरिक
श्री कृष्ण