दिखा रहे हैं 24 भजन (पृष्ठ 594 / 5665, कुल 135,942 भजनों में से)
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फूलों में सज रही है मेरी माता शेरावाली
पारंपरिक
माता दुर्गा
14234
प्रभु श्री राम की गौरव गाथा बालाजी गाये
पारंपरिक
हनुमान जी
14235
कभी कभी भगवान् को भी भक्तों से काम पड़े
अनूप जलोटा
श्री राम
14236
अपने दिल का हाल सुनावन आया हा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14237
गुरु सा ज्ञान बताया
पारंपरिक
अन्य
14238
कदे पाया ना संगत वल फेरा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14239
माँ शेर पे चढ़ के आई
पारंपरिक
माता दुर्गा
14240
जबसे शरण तेरी आई हूँ बाबा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14241
महिमा मंगलवार की
पारंपरिक
हनुमान जी
14242
झूलो झूलो री भवानी पालना
पारंपरिक
माता दुर्गा
14243
लगन आई हरे हरे
पारंपरिक
महादेव
14244
नाच रहे बजरंग छमा छम
पारंपरिक
हनुमान जी
14245
उड़ चले रे हनुमान
पारंपरिक
हनुमान जी
14246
गुरु जी म्हाने ज्ञान बतायो रे
पारंपरिक
अन्य
14247
दुखां दिया मारिया मुसीबतां दिया मारिया
पारंपरिक
अन्य
14248
मेरा दिल नहीं लगदा हो कृष्णा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14249
बैठा है जहाँ पे लखदातार
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14250
मेरे मन वीणा के तार जपें
पारंपरिक
महादेव
14251
कर दया हे बाला
पारंपरिक
हनुमान जी
14252
इलाही नाम का सौदा
पारंपरिक
अन्य
14253
बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा
पारंपरिक
श्री कृष्ण
14254
तुम शरणाई आया ठाकुर
पारंपरिक
अन्य
14255
है बीच भँवर में नैया बेड़ा पार कीजिए
पारंपरिक
हनुमान जी
14256
महाकाल को मनायेगे
पारंपरिक
महादेव